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मुलभूमि जुम्लावाट विस्तार भएका विभिन्न ठाउँहरूकाे विवरण
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रूपा ७,माझगाउँ, कास्की मुल थलो भएका न्यौपानेहरुको बंशावली
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आदी पुरुषदेखि २५ औ पुस्तासम्मको विवरण
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सदानन्दका १८ औ पुस्ताका महेशपाध्य काशी पोखरा आएपछि फैलिएको वंश
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१५ औ पुस्ता काँशीनाथका २० औ पुस्ताका कामुपाध्य, पदमप्रसाद र ठाकुरदत्तबाट नुवाकोट कुमारी चौक हुदै फैलिएको वंश
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२२ औ पुस्ताका भिष्मराजका माहिला छोरा माधवको स्याङ्जा
– पाल्पा – गुल्मी हुदै फैलिएको वंश
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२२ औ पुष्ताका भिष्मराजका साहिला छोरा सन्तनुको गुल्मी रुपन्देही हुदै फैलिएको वश
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२२ औ पुस्ताका हरीभक्तका नाति केदारनाथपाध्य लम्जुङबाट गोरखा हुदै सिन्धुपाञ्चोकको फुलपिङ्गकोट आएपछिको वंश
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२१ औ पुस्ताका केदारमणिका नाति, जयदेवका छोरा शुकदेव सिन्धुपाञ्चोकको दाप्चाबट दोलखातर्फ आएपछि फैलिएको वंश
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२३ औ पुस्ताका केदारमणिका नाति जयदेवका छोरा खडानन्दका भोजपूरतर्फ फैलिएको वंश
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२३ औ पुस्ता धर्मानन्दको सिन्धुपाञ्चोकको तिनथारेतिर फैलिएको वंश
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२१ औ पूस्ताका केदारनाथका नाति माधवको सिन्धुपलाञ्चोकबाट रामकोट हुदै ओखलढुङ्गा संखुवासभा, जिरी
र भोजपुरतिर फैलिएको वंश
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२२ औ पुस्ताका गंगाधरपाध्ययका छोरा विश्वनाथ मकवानपुर वाट भोजपरको वोखिम हुदै गोगनेतर्फ फैलिएको वंश
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२१ औ पुस्ताका नारायण पाध्यका छोरा विध्याधरवाट भरतपुर चितवन तिर फैलिएको वंश
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२३ औ पुस्ताका वलिपाध्याय पूर्व १ नं. ठोकर्पाबाट भक्तपुर दुवाकाटे आएपछि फैलिएको वंश
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२३ औ पुस्ताका शिरपति ललितपुरको वडीखेलगई बसेपछि फैलिएको वंश
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२२ औ पुस्ताका विश्वनाथका ३ पुत्रहरु मध्ये ठोकर्पा वस्ने परासरको वंश
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२१ औ पुस्तका मनोरथका पूत्र अनिरुद्रका माहिला छोरा पशुपति र कान्छा छोरा शिवहरीका दोलखा हुदै पूर्वतर्फ फैलिएको वंश
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२१ औ पुस्तका मनोरथका पूत्रहरु तुलाराम, मधसुदन तथा रामेमछाप गएका कान्छा छोरा जगन्नाथको वंश
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२२ औ पस्ताका श्री कृष्णका छोराहरु मध्य देउपुर बसेका रामेश्वर र भोजपूर वोखिम आई बसेका लक्ष्मणको वंश
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२३ औ पूस्ताका जयधर्मका छोरा शिशुपालबाट बारा – काठमाण्डौ – सनसरी – संखुवासभा – पाचथर हुदै फैलिएको वंश
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२२ औ पुस्ताका गंगाधरका छोरा दिवाकरको गुल्मी रुपन्देही हुदै फैलिएको वंश
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२२ औ पुस्ताका चन्द्रमणिका छोरा मणिभद्रबाट दाङको हापुर तर्फ फैलिएको वंश
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२१ औ पुस्ताका वरधराज (वरु) का छोरा दुर्गादाशबाट तनहु – भरतपुर हुदै फैलिएको वंश
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